शुरुआती की क्रिकेट नियम गाइड
क्रिकेट के नियम शुरुआती लोगों के लिए समझने का सबसे आसान तरीका है खेल को तीन हिस्सों में देखना: बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण। क्रिकेट गाइड भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और दुनिया भर के नए प्रशंसकों....
शुरुआती की क्रिकेट नियम गाइड
क्रिकेट के नियम शुरुआती लोगों के लिए समझने का सबसे आसान तरीका है खेल को तीन हिस्सों में देखना: बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण। क्रिकेट गाइड भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और दुनिया भर के नए प्रशंसकों के लिए बताता है कि एक टीम के 11 खिलाड़ी होते हैं, पिच 22 गज की होती है और एक ओवर में 6 वैध गेंदें शामिल रहती हैं। टेस्ट क्रिकेट अधिकतम 5 दिनों तक चल सकता है, जबकि एकदिवसीय मैच में सामान्यतः प्रत्येक टीम को 50 ओवर और टी20 में 20 ओवर मिलते हैं। रन दौड़कर, चौके या छक्के से बनते हैं; विकेट गेंदबाज, क्षेत्ररक्षक या बल्लेबाज की गलती से गिर सकता है। मेरी सबसे उपयोगी सलाह: पहले स्कोरबोर्ड पर ओवर, रन, विकेट और आवश्यक रन देखें, फिर अंपायर के संकेत समझें। इससे मैच का असली हिसाब तुरंत साफ हो जाता है।

2025 से पहले क्रिकेट के नियम कैसे काम करते थे?
क्रिकेट के मूल नियमों में 11 खिलाड़ियों की टीम, 22 गज की पिच, छह वैध गेंदों का ओवर और रन बनाने के लिए दो बल्लेबाजों की साझेदारी शामिल है। बल्लेबाज का लक्ष्य अधिक रन बनाना और गेंदबाज का लक्ष्य विकेट लेना या रन रोकना होता है।
क्रिकेट का आधिकारिक नियम ढांचा मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के नियमों पर आधारित है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की देखरेख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद करती है। टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनता है, लेकिन मौसम, पिच और लक्ष्य का दबाव इस निर्णय को बदल सकते हैं। बल्लेबाजी करने वाली टीम के दो खिलाड़ी क्रीज पर रहते हैं; गेंद फेंके जाने के बाद वे छोर बदलकर रन बनाते हैं। गेंद सीमा रेखा तक जमीन छूते हुए पहुंचती है तो चार रन और बिना जमीन छुए बाहर जाती है तो छह रन मिलते हैं। विकेटों के बीच दौड़कर बनाए गए रन बल्लेबाजों की गति और संवाद पर निर्भर करते हैं। पुराने नियमों में भी नो-बॉल, वाइड, बाई, लेग-बाई और पेनल्टी रन अलग-अलग श्रेणियां थीं; यही वह जगह है जहां नए दर्शक अक्सर स्कोरबोर्ड देखकर भ्रमित हो जाते हैं।
- ओवर: छह वैध गेंदें।
- चौका: सीमा रेखा तक जमीन छूकर पहुंची गेंद।
- छक्का: गेंद का सीधे सीमा के बाहर जाना।
- विकेट: बल्लेबाज के आउट होने या स्टंप्स के टूटने की स्थिति।
- पारी: किसी टीम का बल्लेबाजी करने का चरण।
स्कोरबोर्ड में 167/3 का अर्थ है कि टीम ने 167 रन बनाए और 3 विकेट खोए। उदाहरण के लिए, यदि किसी बल्लेबाज का स्कोर 84 है और वह कैच आउट हो जाता है, तो टीम का कुल स्कोर बढ़ सकता है, लेकिन बल्लेबाज की व्यक्तिगत पारी समाप्त हो जाती है। यह अंतर समझना जरूरी है, खासकर तब जब किसी मैच रिपोर्ट में “84 रन पर आउट” और “टीम 167/3” दोनों साथ लिखे हों। शुरुआती दर्शकों के लिए क्रिकेट स्कोरकार्ड समझने की गाइड
नियमों की यह बुनियाद समझ लेने पर मैच देखना अनुमान का खेल नहीं रहता। अब हर गेंद का मूल्य दिखने लगता है: डॉट गेंद दबाव बढ़ाती है, अतिरिक्त रन गेंदबाज के आंकड़े को प्रभावित करते हैं और विकेट लक्ष्य का समीकरण बदल देता है। क्रिकेट गाइड पर मैच समीक्षा पढ़ते समय इन्हीं संकेतों से पता चलता है कि कप्तान ने रक्षात्मक क्षेत्ररक्षण क्यों लगाया या बल्लेबाज ने जोखिम भरा शॉट क्यों चुना।
मैच स्कोरकार्ड पढ़ने की अपनी समझ मजबूत करने के लिए यह अगला संदर्भ देखें।
2026 में क्या बदला?
2026 में क्रिकेट के मूल नियम नहीं बदले हैं, लेकिन डीआरएस, समय-प्रबंधन, गेंद की स्थिति और मैच अधिकारियों के निर्णयों की व्याख्या पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। नए दर्शक को नियम बदलने और नियम लागू करने के तरीके में अंतर समझना चाहिए।
2026 का बड़ा बदलाव किसी एक सार्वभौमिक नए नियम के रूप में नहीं, बल्कि तकनीक और प्रतियोगिता-विशिष्ट निर्देशों के अधिक व्यवस्थित उपयोग के रूप में दिखता है। आईसीसी के टेस्ट, एकदिवसीय और टी20 नियमों में अलग-अलग खेल शर्तें हो सकती हैं, इसलिए हर टूर्नामेंट की आधिकारिक खेल-शर्तें देखना समझदारी है। डीआरएस में अंपायर का निर्णय, गेंद की ट्रैकिंग और अल्ट्राएज जैसे प्रमाण शामिल हो सकते हैं, मगर तकनीक भी उपलब्ध फुटेज और स्वीकृत प्रोटोकॉल तक सीमित रहती है। “निर्णय समीक्षा प्रणाली अंपायर के निर्णय में सहायता करती है, उसे स्वतः प्रतिस्थापित नहीं करती”—इस सिद्धांत को याद रखें। इसी कारण अंपायर का मूल निर्णय कभी-कभी कायम रहता है, भले ही दर्शकों को टीवी पर दृश्य अलग लगे। 2026 में समय-सीमा और धीमी ओवर गति पर दंड भी टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार लागू हो सकता है; हर लीग को एक ही पैमाने से देखना गलती है।

नो-बॉल, वाइड और फ्री हिट को कैसे पहचानें?
नो-बॉल पर बल्लेबाजी टीम को सामान्यतः एक अतिरिक्त रन मिलता है और वह गेंद ओवर की छह वैध गेंदों में नहीं गिनी जाती। वाइड भी अतिरिक्त रन देती है और दोबारा गेंद फेंकनी पड़ती है, जबकि फ्री हिट की शर्त प्रतियोगिता के नियमों और नो-बॉल के प्रकार पर निर्भर करती है।
सबसे आम गलती यह मानना है कि हर कमर से ऊपर की गेंद नो-बॉल होती है। नियम गेंद की ऊंचाई, बल्लेबाज की स्थिति, गेंदबाज के पैर और गेंद के उछाल जैसे कारकों को देखते हैं। फ्रंट-फुट नो-बॉल में गेंदबाज का अगला पैर क्रीज की सीमा से आगे निकल सकता है; वहीं बीमर या खतरनाक ऊंची गेंद पर अंपायर अलग निर्णय दे सकता है। वाइड का फैसला बल्लेबाज की सामान्य पहुंच और उसकी स्थिति से जुड़ा है, इसलिए बल्लेबाज के हटने पर पहले से वाइड लगने वाली गेंद वैध भी मानी जा सकती है। अतिरिक्त रन टीम के कुल स्कोर में जुड़ते हैं, लेकिन सामान्यतः गेंदबाज के व्यक्तिगत रन-खर्च में एक्स्ट्रा का प्रभाव अलग दर्ज होता है। यही कारण है कि 6 ओवर में 48 रन और 5.4 ओवर में 48 रन समान स्कोर नहीं हैं; दूसरे मामले में दो वैध गेंदें बाकी हैं।
- अंपायर की बांह ऊपर जाए तो नो-बॉल का संकेत देखें।
- दोनों बांहें फैलें तो वाइड समझें।
- नो-बॉल के बाद अगली गेंद पर फ्री हिट का संकेत जांचें।
- स्कोरबोर्ड में “एक्स्ट्रा” कॉलम जरूर देखें।
इन नियमों का वित्तीय या सट्टा अनुमान से सीधा संबंध जोड़ना जोखिमपूर्ण है, क्योंकि एक अतिरिक्त रन मैच की दिशा बदल सकता है, लेकिन परिणाम की गारंटी नहीं देता। जिम्मेदार दर्शक पहले आधिकारिक स्कोर, गेंदों की संख्या और प्रतियोगिता की शर्तें देखता है। नो-बॉल, वाइड और अतिरिक्त रन का विस्तृत अर्थ
अब तक आपने खेल की भाषा सीख ली है; अगला कदम यह समझना है कि अलग प्रारूपों में वही भाषा कैसे बदलती है।
खिलाड़ियों के लिए क्या बदलता है?
टेस्ट, एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट में मूल आउट होने के तरीके समान रहते हैं, लेकिन ओवरों की सीमा, फील्डिंग प्रतिबंध, पारी की लंबाई और रणनीतिक जोखिम अलग होते हैं। इसलिए एक ही बल्लेबाजी औसत या गेंदबाजी आंकड़ा तीनों प्रारूपों में समान अर्थ नहीं देता।
टेस्ट क्रिकेट में प्रत्येक टीम को सामान्यतः दो पारियां मिलती हैं और मैच पांच दिनों तक चल सकता है; ड्रॉ संभव है। एकदिवसीय क्रिकेट में प्रत्येक टीम को 50 ओवर मिलते हैं, जबकि टी20 में 20 ओवर की पारी होती है। टी20 में प्रति ओवर रन गति, पावरप्ले और अंतिम ओवरों की मारक क्षमता निर्णायक हो सकती है; टेस्ट में धैर्य, गेंद की चमक, स्विंग और विकेट की स्थिति अधिक महत्वपूर्ण होती है। एकदिवसीय मैच इन दोनों के बीच संतुलन रखता है। सीमित ओवर के मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा कर रही टीम को जीतने के लिए आवश्यक रन और बची गेंदों का हिसाब रखना पड़ता है। उदाहरण के लिए 120 गेंदों में 150 रन चाहिए तो आवश्यक रन गति 7.5 रन प्रति ओवर है, लेकिन विकेटों की संख्या उस गणना का वास्तविक जोखिम बताती है।
| प्रारूप | सामान्य ओवर या अवधि | मुख्य रणनीतिक फोकस |
|---|---|---|
| टेस्ट | अधिकतम 5 दिन | धैर्य, परिस्थितियां, दो पारियां |
| एकदिवसीय | 50 ओवर प्रति टीम | पारी निर्माण और लक्ष्य प्रबंधन |
| टी20 | 20 ओवर प्रति टीम | तेज रन, मैच-अप और जोखिम |
टी20 में पावरप्ले के दौरान सीमित क्षेत्ररक्षण नियम बल्लेबाज को शुरुआती आक्रमण का अवसर देते हैं, मगर इसका अर्थ यह नहीं कि हर गेंद पर बड़ा शॉट सही है। बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट, गेंदबाज का इकॉनमी रेट और विकेट गिरने का समय मिलकर मैच की तस्वीर बनाते हैं। स्रोत: आईसीसी की खेल-शर्तें बताती हैं कि प्रतियोगिता के अनुसार कुछ फील्डिंग और समीक्षा नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी आईपीएल मुकाबले को टेस्ट क्रिकेट के पैमाने पर पढ़ना वैसा है जैसे छोटी दूरी की दौड़ में मैराथन की रणनीति लगाना।

नए दर्शक के लिए सबसे उपयोगी आंकड़े ये हैं:
- रन रेट: प्रति ओवर औसत रन।
- स्ट्राइक रेट: बल्लेबाज ने प्रति 100 गेंद कितने रन बनाए।
- इकॉनमी रेट: गेंदबाज ने प्रति ओवर कितने रन दिए।
- औसत: बल्लेबाज के रन या गेंदबाज के विकेट का स्थिर प्रदर्शन संकेत।
- आवश्यक रन रेट: लक्ष्य पाने के लिए शेष ओवरों में जरूरी गति।
किसी खिलाड़ी को केवल छक्कों की संख्या से महान या खराब घोषित करना कमजोर विश्लेषण है। विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, बाबर आजम और पैट कमिंस जैसे नाम अलग भूमिकाओं में मूल्य पैदा करते हैं; बल्लेबाज रन बनाता है, गेंदबाज दबाव बनाता है और क्षेत्ररक्षक अतिरिक्त रन रोकता है। क्रिकेट गाइड की खिलाड़ी समीक्षा में संदर्भ इसलिए महत्वपूर्ण है कि 35 गेंदों पर 45 रन धीमी पिच पर मैच जिताऊ पारी हो सकती है, जबकि सपाट पिच पर वही स्कोर कम प्रभावी लगे।
अब नियमों का व्यावहारिक अर्थ क्या है?
नए दर्शक के लिए क्रिकेट नियमों का व्यावहारिक अर्थ यह है कि हर गेंद को चार सवालों से पढ़ा जाए: कितने रन बने, गेंद वैध थी या नहीं, विकेट गिरा या नहीं, और अगली गेंद के लिए स्थिति क्या है। यह तरीका स्कोरबोर्ड, कमेंट्री और अंपायर संकेतों को एक साथ जोड़ देता है।
पहले बल्लेबाज की स्थिति देखें: स्ट्राइक पर कौन है, गैर-स्ट्राइकर छोर पर कौन है और गेंदबाज किस छोर से आ रहा है। फिर गेंद का परिणाम जांचें—डॉट, रन, चौका, छक्का, विकेट या एक्स्ट्रा। इसके बाद ओवर की संख्या और लक्ष्य से तुलना करें। कैच आउट, बोल्ड, एलबीडब्ल्यू, रन आउट, स्टंपिंग, हिट विकेट और मैनकेडिंग जैसी स्थितियों में अलग-अलग शर्तें लागू होती हैं; केवल गेंद का विकेट से टकराना ही आउट होने का एकमात्र तरीका नहीं है। एलबीडब्ल्यू में गेंद का पिच होना, विकेट की दिशा, बल्लेबाज का शरीर और शॉट खेलने का प्रयास जैसे कारक निर्णायक हो सकते हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां टेलीविजन पर दिखा दृश्य पर्याप्त नहीं होता, इसलिए अंपायर का संकेत और समीक्षा प्रोटोकॉल देखना बेहतर है।

एक शुरुआती दर्शक यह छोटी प्रक्रिया अपनाए:
- स्कोर पढ़ें: उदाहरण के लिए 167/3 का अर्थ 167 रन और 3 विकेट।
- ओवर जांचें: 18.2 का अर्थ 18 ओवर और 2 वैध गेंदें, दशमलव नहीं।
- लक्ष्य निकालें: पीछा करने वाली टीम को लक्ष्य से एक रन अधिक चाहिए।
- आवश्यक गति देखें: शेष रन को शेष ओवरों से विभाजित करें।
- विकेट बचाएं: रन गति और बचे विकेट का संतुलन देखें।
सबसे महत्वपूर्ण छिपा हुआ नियम यही है कि “18.2 ओवर” 18.2 दशमलव ओवर नहीं होता; यह 18 ओवर और 2 गेंदें हैं। छह गेंदों वाला यह हिसाब शुरुआती प्रशंसकों को बहुत जल्दी बेहतर स्कोर-पाठक बना देता है। इसी तरह 10 रन का ओवर हमेशा गेंदबाज की पूरी गलती नहीं होता—उसमें वाइड, नो-बॉल और बाई शामिल हो सकते हैं। क्रिकेट के आंकड़े और स्कोरबोर्ड पढ़ने की उन्नत गाइड
अंपायर के संकेतों को देखकर फैसला करने से पहले आधिकारिक स्कोरकार्ड मिलाना सबसे सुरक्षित तरीका है। यही व्यावहारिक आदत भावनात्मक प्रतिक्रिया और वास्तविक मैच स्थिति के बीच का अंतर दिखाती है।
नियमों को देखकर मैच का अपना निष्पक्ष विश्लेषण बनाना चाहते हैं? इस संदर्भ से शुरुआत करें।
अगली तिमाही के लिए तीन अनुमान क्या हैं?
अगली तिमाही में क्रिकेट देखने वालों के लिए तीन स्पष्ट रुझान महत्वपूर्ण रहेंगे: तकनीकी समीक्षा की बढ़ती भूमिका, प्रारूप-विशेष रणनीति का गहरा विश्लेषण और आंकड़ों के आधार पर खिलाड़ी मूल्यांकन। हालांकि, किसी भी अनुमान को निश्चित परिणाम मानना नियमों और खेल की अनिश्चितता दोनों को गलत समझना है।
पहला अनुमान है कि डीआरएस और गेंद-ट्रैकिंग के फैसलों पर दर्शकों की समझ बढ़ेगी। 2026 में अधिक प्रशंसक यह पूछेंगे कि निर्णय क्यों बदला, कौन सा प्रमाण उपलब्ध था और मैदानी अंपायर का मूल फैसला क्या था। दूसरा, टी20 में पावरप्ले, डेथ ओवर और बल्लेबाज-गेंदबाज मैच-अप का विश्लेषण और सूक्ष्म होगा; केवल कुल रन देखकर टीम की गुणवत्ता तय करना कमजोर तरीका रहेगा। तीसरा, टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट में परिस्थितियों को आंकड़ों के साथ जोड़ने पर जोर बढ़ेगा—जैसे नई गेंद के पहले 10 ओवर, बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ कोण और स्पिनर के खिलाफ स्ट्राइक रोटेशन। स्रोत: मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के नियमों को आधार बनाकर इन बदलावों को समझना सुरक्षित है, क्योंकि सोशल मीडिया की छोटी क्लिप अक्सर पूरा संदर्भ नहीं दिखाती।
- नियम पहले पढ़ें, फिर खिलाड़ी के प्रदर्शन पर राय बनाएं।
- प्रारूप के अनुसार आंकड़ों का अर्थ बदलें।
- आधिकारिक स्कोरकार्ड को सोशल मीडिया दावे से ऊपर रखें।
- डीआरएस में प्रमाण और प्रक्रिया दोनों देखें।
क्रिकेट गाइड का सबसे उपयोगी निष्कर्ष सीधा है: नियम समझने वाला दर्शक केवल शोर नहीं सुनता, वह मूल्य पहचानता है। 2026 में भी चौका चार ही रहेगा, छक्का छह ही रहेगा और वैध ओवर में छह गेंदें ही होंगी; असली बढ़त उन छोटे विवरणों को पढ़ने से मिलेगी जो स्कोरबोर्ड पर अतिरिक्त, समीक्षा, रन रेट और विकेट के रूप में छिपे रहते हैं। 2026 क्रिकेट मैच समीक्षा और खिलाड़ी आंकड़े
अपने अगले मैच में इन पांच संकेतों को नोट करें और हर ओवर के बाद स्थिति दोबारा जांचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: क्रिकेट में एक ओवर में कितनी गेंदें होती हैं?
उत्तर: एक वैध ओवर में छह गेंदें होती हैं। नो-बॉल और वाइड वैध गेंद नहीं मानी जातीं, इसलिए उनके बाद अतिरिक्त गेंद फेंकी जाती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी ओवर में दो वाइड हुईं, तो गेंदबाज को छह वैध गेंद पूरी करने के लिए कुल आठ गेंदें फेंकनी पड़ सकती हैं। स्कोरबोर्ड में 4.3 का अर्थ चार ओवर और तीन वैध गेंदें है, न कि 4.3 दशमलव ओवर।
प्रश्न: क्रिकेट में रन कैसे बनाए जाते हैं?
उत्तर: रन दौड़कर, चौका मारकर, छक्का लगाकर या अतिरिक्त रन से बनाए जाते हैं। दो बल्लेबाज गेंद के बाद छोर बदलते हैं और सुरक्षित रूप से दूसरी क्रीज तक पहुंचने पर एक रन पूरा होता है। चौके के चार और छक्के के छह रन मिलते हैं, जबकि वाइड, नो-बॉल, बाई और लेग-बाई टीम के अतिरिक्त खाते में दर्ज होते हैं। बल्लेबाज के व्यक्तिगत रन और टीम के कुल रन हमेशा एक जैसे नहीं बढ़ते।
प्रश्न: टेस्ट, एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट में क्या अंतर है?
उत्तर: टेस्ट अधिकतम पांच दिनों का, एकदिवसीय सामान्यतः 50 ओवर प्रति टीम का और टी20 20 ओवर प्रति टीम का प्रारूप है। टेस्ट में दो पारियां और ड्रॉ की संभावना होती है, जबकि सीमित ओवर मैचों में लक्ष्य और समय-सीमा अधिक निर्णायक होते हैं। टी20 में रन गति और जोखिम तेज होते हैं; टेस्ट में गेंद, पिच और धैर्य का प्रभाव अधिक लंबा रहता है।
प्रश्न: नो-बॉल और वाइड में क्या अंतर है?
उत्तर: नो-बॉल गेंदबाज की डिलीवरी या पैर से जुड़े नियम के उल्लंघन पर लगती है, जबकि वाइड बल्लेबाज की सामान्य पहुंच से बाहर की गेंद पर दी जाती है। दोनों सामान्यतः एक अतिरिक्त रन देते हैं और वैध गेंदों की गिनती में शामिल नहीं होते। नो-बॉल के बाद फ्री हिट मिल सकती है, लेकिन उसका लागू होना गेंद के प्रकार और प्रतियोगिता की आधिकारिक खेल-शर्तों पर निर्भर करता है।
प्रश्न: डीआरएस का निर्णय गलत लगे तो क्या करना चाहिए?
उत्तर: डीआरएस का निर्णय समझने के लिए मैदानी फैसला, उपलब्ध तकनीकी प्रमाण और समीक्षा का कारण तीनों देखें। गेंद-ट्रैकिंग, अल्ट्राएज और हॉक-आई जैसी तकनीकें अलग-अलग प्रश्नों का उत्तर देती हैं; कोई एक दृश्य पूरे निर्णय को स्पष्ट नहीं करता। आईसीसी के नियमों के अनुसार समीक्षा सीमित अवसरों और निर्धारित प्रक्रिया के भीतर होती है, इसलिए हर अपील पर समीक्षा नहीं ली जा सकती।
प्रश्न: क्रिकेट मैच देखने के लिए शुरुआती व्यक्ति को क्या जानना चाहिए?
उत्तर: शुरुआत के लिए स्कोर, विकेट, ओवर, लक्ष्य और आवश्यक रन गति समझना पर्याप्त है। पहले टॉस और प्रारूप देखें, फिर स्कोरबोर्ड पर 167/3 जैसे अंक पढ़ें और ओवर में कितनी वैध गेंद बची हैं यह जांचें। इसके बाद चौका, छक्का, नो-बॉल, वाइड और विकेट के अंपायर संकेत सीखें। खिलाड़ी के आंकड़ों को उसके प्रारूप और मैच परिस्थिति के साथ पढ़ना अधिक उचित है।
प्रश्न: क्या क्रिकेट के नियम सभी प्रतियोगिताओं में बिल्कुल समान होते हैं?
उत्तर: क्रिकेट के मूल नियम समान रहते हैं, लेकिन प्रतियोगिता की खेल-शर्तों से कुछ प्रक्रियाएं बदल सकती हैं। पावरप्ले, फील्डिंग प्रतिबंध, डीआरएस की उपलब्धता, सुपर ओवर और धीमी ओवर गति के दंड टूर्नामेंट के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए आईपीएल, आईसीसी विश्व कप, घरेलू एकदिवसीय मैच और टेस्ट श्रृंखला देखते समय संबंधित आधिकारिक नियम-पत्र देखना सबसे सुरक्षित तरीका है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।
क्रिकेट गाइड · Editorial Archive · 2026