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क्रिकेट में कैच छोड़ने की 7 गलतियाँ, जो नए फील्डर बार-बार दोहराते हैं

क्रिकेट में कैच पकड़ने का सही तरीका है: नज़र गेंद पर, पैर पहले चलें, हाथ नरम और शरीर के पास। क्रिकेट गाइड का हिसाब सीधा है: 140 किमी/घंटा की गेंद 22 गज की पिच, यानी लगभग 20.12 मीटर, सिर्फ़ 0.52 सेकंड....

4 अक्टूबर 2026 8 min read
क्रिकेट में कैच छोड़ने की 7 गलतियाँ, जो नए फील्डर बार-बार दोहराते हैं

क्रिकेट में कैच छोड़ने की 7 गलतियाँ, जो नए फील्डर बार-बार दोहराते हैं

क्रिकेट में कैच पकड़ने का सही तरीका है: नज़र गेंद पर, पैर पहले चलें, हाथ नरम और शरीर के पास। क्रिकेट गाइड का हिसाब सीधा है: 140 किमी/घंटा की गेंद 22 गज की पिच, यानी लगभग 20.12 मीटर, सिर्फ़ 0.52 सेकंड में तय करती है, इसलिए सोचने का वक्त लगभग नहीं मिलता है। एमसीसी के कानून 33 के अनुसार गेंद ज़मीन छूने से पहले क्षेत्ररक्षक के नियंत्रण में आनी चाहिए, और छोड़ा गया एक कैच सीधे विपक्षी के खाते में अतिरिक्त रन जोड़ता है। गेंद कमर से नीचे हो तो उंगलियाँ नीचे और छोटी उंगलियाँ मिलाएँ, छाती से ऊपर हो तो उंगलियाँ ऊपर और अंगूठे मिलाएँ। पकड़ते ही हाथ पीछे खींचें, ताकि गेंद उछलकर निकल न जाए। रोज़ 50 कैच गिनकर अभ्यास करें, और अपनी "ड्रॉप दर" लिखते रहें, क्योंकि जो चीज़ नापी नहीं जाती, वह सुधरती भी नहीं।

चलो, रात के दो बजे वाली सीधी बात करें। मैं हर चीज़ को "निवेश" की तरह तौलता हूँ, और फील्डिंग में सबसे सस्ता और सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाला निवेश कैच है। सोचिए: शाम की रोशनी है, मैदान गली का हो या IPL जैसा स्टेडियम, और गेंद हवा में उठती है। पूरी टीम की साँस रुक जाती है। अगर वह गेंद आपके हाथ से छूटी, तो टीम के "मुफ़्त" रन विपक्षी की जेब में गए और आपका खाता सीधा माइनस में। तो असली सवाल यह है कि क्रिकेट में कैच कैसे पकड़ें कि गेंद हाथ में आकर रुके, उछलकर बाहर न निकले? यह हुनर सिर्फ़ फील्डरों का नहीं है। न्यूज़ीलैंड के तेज़ गेंदबाज़ शेन बॉन्ड ने 2009 में डुनेडिन में मोहम्मद यूसुफ़ को अपनी ही गेंद पर कैच एंड बोल्ड किया था। क्रिकेट गाइड पर हम इस विषय को तीन हालात में बाँटते हैं, ताकि आप अपनी स्थिति के हिसाब से सलाह उठा सकें।

a fielder in white kit leaping with both hands stretched toward a red ball against a golden evening sky

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अगर आप स्लिप या शॉर्ट लेग जैसी क्लोज़ पोज़ीशन में हैं, तो क्या करें?

क्लोज़ फील्डिंग में घुटने हल्के मुड़े रखें, वज़न पंजों पर, हाथ घुटनों के सामने खुले और नरम। गेंद आते ही उंगलियाँ आगे बढ़ाएँ, पकड़ते समय हाथ शरीर की ओर खींचें। इस पोज़ीशन में प्रतिक्रिया का समय आधा सेकंड भी नहीं होता, इसलिए तैयारी गेंद फेंके जाने से पहले पूरी होनी चाहिए।

क्लोज़ कैच का पहला नियम यह है कि कैच को "पकड़ने" की कोशिश मत कीजिए, गेंद को हाथों में उतरने दीजिए। जो फील्डर गेंद की ओर झपटता है, उसके हाथ सख़्त होते हैं और गेंद चमड़े से टकराकर बाहर उछल जाती है। जो रुककर हाथ खींचता है, वह वही गेंद शांति से जेब में रख लेता है। स्लिप में खड़े होकर अपने घुटने देखिए। कमर सीधी रखकर सिर्फ़ झुक जाना काफ़ी नहीं, नितंब नीचे और वज़न पंजों पर होना चाहिए। हाथ घुटनों के बीच रहें, हथेलियाँ हल्की-सी खुली और उंगलियाँ फैली हुई। ESPN के अफ़ग़ानिस्तान ए बनाम इंडिया ए, दूसरे मैच के स्कोरकार्ड में प्रभसिमरन 167/3 के स्कोर पर 84 रन बनाकर आउट हुए। पैडल-स्कूप पर बस हल्की छुअन लगी, और कमेंट्री के शब्दों में "the keeper does well to gobble that up"। इतनी हल्की छुअन भी दस्तानों में इसलिए आई, क्योंकि कीपर पहले से तैयार और नरम था।

अब वह बात जो ज़्यादातर "ऑफिशियल" कोचिंग वीडियो नहीं बताते। हाथ से फेंकी गई गेंदों पर किया अभ्यास क्लोज़ कैच के लिए अधूरा है, क्योंकि असली एज पर गेंद घूमती है, दिशा बदलती है और आखिरी पल में गिरती है। टेनिस की गेंद पर इलेक्ट्रिकल टेप लपेटकर बल्ले की किनारी से मारवाइए, और साथी से एज की तरह खिलवाइए। 10 मिनट की यह ड्रिल सैकड़ों सीधे थ्रो से ज़्यादा काम की है। [Internal Link: स्लिप फील्डिंग की बुनियादी ड्रिल]

अगर आप बाउंड्री या डीप में हैं और गेंद ऊँची आ रही है, तो क्या करें?

ऊँचे कैच में पहला काम गेंद की लैंडिंग-जगह का अंदाज़ा लगाना है, हाथ बाद में। पीठ करके उल्टा दौड़ने से बेहतर है कंधे घुमाकर बगल-दौड़ लगाना, ताकि नज़र गेंद पर बनी रहे। गेंद छाती से ऊपर हो तो उंगलियाँ ऊपर और अंगूठे आपस में मिले रखें।

डीप में खड़े फील्डर के पास एक चीज़ है जो स्लिप वाले के पास नहीं: वक्त। गेंद 3 से 5 सेकंड हवा में रहती है, और असली गलती यहीं होती है, क्योंकि दिमाग "आसान है" सोचकर ढीला पड़ जाता है। मेरी सलाह है कि गेंद के हवा में उठते ही पाँच कदम पहले तय कर लीजिए कि आप कहाँ पहुँचेंगे। फिर सीधे उसी जगह जाइए, गेंद के पीछे नहीं। पहुँचकर कदम थामिए और गेंद को अपने शरीर के ठीक आगे आने दीजिए, ताकि चूकने पर वह छाती से रुक जाए। फ्लडलाइट में गेंद अचानक काली होकर आसमान में गुम हो जाती है। इसका इलाज यह है कि लाइट सीधी आँख में आए तो बायाँ हाथ आँखों के ऊपर रखकर रोशनी काटें, और हाथ आखिरी क्षण में ही हटाएँ। कैप का छज्जा नीचा रखना भी मदद करता है।

कानूनी पक्ष भी याद रखिए। MCC के क्रिकेट के कानूनों के अनुसार, अगर गेंद को छूते समय फील्डर का शरीर बाउंड्री रस्सी को छू रहा है, तो उसे छक्का या चौका माना जाता है, आउट नहीं। इसलिए रस्सी के पास कैच के बाद पैर कहाँ पड़ रहे हैं, यह पहले से जाँच लीजिए। एक "ट्रेडर" की तरह सोचिए: जोखिम उठाकर रस्सी के पास कूदने से अच्छा है, कभी-कभी दो कदम पीछे हटकर सुरक्षित कैच लेना। [Internal Link: बाउंड्री पर कैच के नियम और रिले कैच]

a boundary rider sprinting along the rope under floodlights, eyes locked on a high ball above the stadium

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अगली स्थिति में आपके पास डीप या स्लिप की सुविधा नहीं, बस सीमित वक्त है। यह सबसे आम हालत है।

अगर आपके पास रोज़ सिर्फ़ 20 मिनट हैं, तो अभ्यास कैसे करें?

20 मिनट में तीन ब्लॉक चलाएँ: 6 मिनट रिफ्लेक्स, 8 मिनट ऊँचे कैच, 6 मिनट दबाव-वाली ड्रिल। हर ब्लॉक में कैच गिनें और ड्रॉप लिखें। लक्ष्य पहले हफ्ते में 40 में से 32 कैच, यानी 80 प्रतिशत, और चौथे हफ्ते तक 90 प्रतिशत से ऊपर रखें।

मैं "रिटर्न प्रति मिनट" के हिसाब से चलता हूँ, इसलिए यह योजना भी वैसी है। हर ब्लॉक का एक लक्ष्य है और हर लक्ष्य का एक नंबर:

  1. रिफ्लेक्स (6 मिनट): दीवार पर टेनिस गेंद मारकर दोनों हाथों से 30 बार पकड़ें। फिर एक हाथ से 15-15 बार। गेंद का रंग या पैटर्न देखकर प्रतिक्रिया देना और मुश्किल बना देता है।
  2. ऊँचे कैच (8 मिनट): साथी या कोई भी ऊपर की ओर गेंद उछाले, आप 12 से 15 मीटर दूर से दौड़कर उसे पकड़ें। हर तीसरे कैच पर दिशा बदलें।
  3. दबाव-ड्रिल (6 मिनट): दो लोग आमने-सामने 5 मीटर पर खड़े होकर तेज़ थ्रो खेलें। हर ड्रॉप पर 5 पुश-अप लगें। जब "सज़ा" लगती है, तो एकाग्रता खुद बढ़ती है।

इस ढाँचे में एक ऐसी बात है जो आम लेखों में नहीं मिलती। अभ्यास का समय सुबह के बजाय शाम की रोशनी में, यानी अपने मैच के वक्त पर रखिए। आँख और दिमाग उसी रोशनी की आदत डालते हैं जिसमें आपको खेलना है, और यही छोटा-सा बदलाव अक्सर आख़िरी 5 से 8 प्रतिशत कैच बचा लेता है। हाथों में छाले या चोट हो तो गेंद की जगह हल्की स्पंज वाली गेंद चुनिए, पर अभ्यास बंद मत कीजिए। [Internal Link: घर पर फील्डिंग ड्रिल और रिफ्लेक्स ट्रेनिंग]

कानून 33 के हिसाब से कैच कब वैध माना जाता है?

कैच तब वैध है जब बल्ले या बल्ला पकड़े हाथ से लगी गेंद ज़मीन छूने से पहले क्षेत्ररक्षक के हाथ में नियंत्रण से आ जाए और उसका कोई हिस्सा बाउंड्री रस्सी को न छुए। नो-बॉल पर कैच से आउट नहीं मिलता। हिंदी विकिपीडिया इसे बल्लेबाज़ को आउट करने का एक तरीका बताता है।

हिंदी विकिपीडिया की परिभाषा है: "कैच क्रिकेट में बल्लेबाज को आउट करने का एक तरीका है।" पन्ना आगे बताता है कि अगर विकेटकीपर कैच लेता है तो उसे अनौपचारिक रूप से "विकेट के पीछे कैच" भी कहा जाता है। ज़रूरी बारीकियाँ ये हैं: गेंद वैध डिलीवरी होनी चाहिए, गेंद का बल्ले या दस्ताने से टकराना ज़रूरी है, और गेंद पहले ज़मीन पर नहीं टिकनी चाहिए। बहुत से नए खिलाड़ी जानते नहीं कि कलाई या बाँह से छूकर गिरी गेंद पर भी विवाद उठता है, इसलिए अंपायर के फ़ैसले का इंतज़ार करें, जश्न का नहीं।

एक पहलू जो कप्तानों के काम का है: 2022 से लागू नियम के अनुसार कैच आउट होने पर नया बल्लेबाज़ ही स्ट्राइक पर आता है, चाहे आउट होने से पहले दोनों बल्लेबाज़ों ने क्रॉस कर लिया हो। यानी हवा में गेंद देखकर रन लेने का "फायदा" अब बल्लेबाज़ी टीम को नहीं मिलता। फील्डिंग कप्तान के लिए इसका मतलब है कि सेट बल्लेबाज़ का कैच हर सूरत में नए बल्लेबाज़ को स्ट्राइक पर भेजता है, और यह रणनीति के हिसाब से बहुत कीमती है। [Internal Link: क्रिकेट में आउट होने के सभी तरीके]

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an umpire raising his finger as fielders celebrate a caught dismissal in a county match

कैच छूटने की सबसे आम 7 गलतियाँ कौन-सी हैं?

सबसे आम गलतियाँ ये हैं: गेंद से नज़र हटाना, सख़्त हाथ, हाथों की गलत दिशा, "मेरा" कॉल न देना, पैर न हिलाना, कैच पूरा होने से पहले जश्न मनाना और सिर्फ़ आसान थ्रो पर अभ्यास करना। इनमें से हर एक को अभ्यास में सुधारा जा सकता है।

यह सूची अपनी "ड्रॉप डायरी" से जाँचिए। जितनी बार हाथ से गेंद छूटे, उसका कारण नीचे दी गई वजहों में से एक लिख दीजिए:

  1. नज़र हटाना: बल्लेबाज़, रन या बाउंड्री देखने के चक्कर में गेंद आखिरी आधे सेकंड में आँख से छूट जाती है।
  2. सख़्त हाथ: हथेलियाँ कड़ी रहें तो गेंद पत्थर से टकराने जैसा उछलती है। पकड़ते ही हाथ शरीर की ओर खींचें।
  3. गलत हाथ-स्थिति: कमर से नीचे की गेंद पर उंगलियाँ ऊपर कर लेना, या छाती से ऊपर की गेंद पर उंगलियाँ नीचे रखना।
  4. "मेरा" न बोलना: दो फील्डर एक ही गेंद की ओर दौड़ें तो या तो टक्कर होती है या दोनों रुककर गेंद गिरा देते हैं।
  5. पैर न चलाना: हाथ दूर फैलाकर गेंद पकड़ने की कोशिश करना, जबकि शरीर गेंद के पीछे होना चाहिए था।
  6. जल्दी जश्न: गेंद हवा में उछालने की आदत कई सुनिश्चित कैचों को गिरा चुकी है। जब तक अंपायर न कहे, गेंद पकड़े रखिए।
  7. सिर्फ़ आसान अभ्यास: आराम से फेंकी गेंद पर हाथ सधते हैं, दबाव के लम्हे पर नहीं।

अपनी टीम के साथ दो हफ्ते तक यह डायरी चलाइए, और मैं दावे के साथ कहता हूँ कि 7 में से 2 कारण आपके 60 प्रतिशत से ज़्यादा ड्रॉप समझा देंगे। तब आपको बाकी पाँच पर वक्त "बर्बाद" नहीं करना पड़ेगा। यह ठीक वैसा है जैसे खर्च का हिसाब रखना: जहाँ पैसा रिसता है, वहीं पैच लगाइए। [Internal Link: क्रिकेट में सबसे ज़्यादा छूटे हुए कैच और उनके कारण]

30 दिन बाद कैसे जाँचें कि आपके कैच सच में सुधरे?

30 दिन बाद अपनी ड्रॉप दर, यानी गिराए गए कैच को कुल मौकों से भाग देकर देखिए। शुरुआत में 25 प्रतिशत है तो महीने के अंत तक 10 प्रतिशत से नीचे लाना व्यावहारिक लक्ष्य है। इसके साथ मैच में लिए गए कैच, एज पर प्रतिक्रिया और ऊँचे कैच अलग-अलग गिनें।

चार हफ्ते का सीधा ढाँचा यह है:

  • हफ्ता 1: रोज़ 40 कैच, 80 प्रतिशत सटीकता। सिर्फ़ हाथ की पोज़ीशन और नरम हाथ पर ध्यान।
  • हफ्ता 2: ऊँचे कैच जोड़ें, "मेरा" कॉल की आदत डालें, लक्ष्य 85 प्रतिशत।
  • हफ्ता 3: टेप-बॉल या एज-ड्रिल और दबाव वाली सज़ा-ड्रिल शुरू करें, लक्ष्य 88 प्रतिशत।
  • हफ्ता 4: असली मैच या नेट सेशन में कैच गिनें, लक्ष्य 90 प्रतिशत से ऊपर।

30वें दिन अपनी डायरी खोलिए और तीन सवाल पूछिए: कौन-सी गलती सबसे कम हुई, कौन-सी अब भी बची है, और किस पोज़ीशन पर ड्रॉप घटे? अगर आँकड़े नहीं सुधरे, तो आम तौर पर कारण अभ्यास की मात्रा नहीं, बल्कि सही गलती पर काम न करना होता है। तब नज़र और हाथ की पोज़ीशन की जाँच के लिए किसी साथी से अपना वीडियो बनवाइए। क्रिकेट गाइड पर हम मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े और रणनीति पर लिखते रहते हैं, ताकि आप अपनी फील्डिंग को आंकड़ों की नज़र से परख सकें। और अगर आप क्रिकेट मैचों पर दाँव लगाते हैं, तो सिर्फ़ उतना ही लगाइए जितना खोने का बोझ आप उठा सकें; यह नियम कैच जितना ही ज़रूरी है।

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a cricket coach holding a notebook of catch statistics beside players practising reflex drills on a practice ground

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: क्रिकेट में कैच क्या होता है?

A: कैच बल्लेबाज़ को आउट करने का एक तरीका है, जिसमें गेंद बल्ले या दस्ताने से लगकर ज़मीन छूने से पहले फील्डर या गेंदबाज़ के हाथों में आ जाती है। गेंद वैध डिलीवरी होनी चाहिए और नो-बॉल पर कैच से आउट नहीं मिलता। अगर विकेटकीपर गेंद पकड़े, तो इसे अनौपचारिक रूप से "विकेट के पीछे कैच" कहा जाता है। फील्डर का बाउंड्री रस्सी को छूना भी कैच को अवैध बना देता है।

Q: क्रिकेट में कैच कैसे पकड़ें, शुरुआत कहाँ से करें?

A: सबसे पहले गेंद पर नज़र टिकाएँ, पैर चलाकर शरीर गेंद के पीछे ले जाएँ और हाथ नरम रखें। कमर से नीचे की गेंद पर उंगलियाँ नीचे और छोटी उंगलियाँ मिलाएँ, छाती से ऊपर की गेंद पर उंगलियाँ ऊपर और अंगूठे मिलाएँ। पकड़ते ही हाथ शरीर की ओर खींचें। रोज़ 20 मिनट, तीन ब्लॉक और 40 कैच का लक्ष्य रखें, यही सबसे सरल शुरुआत है।

Q: ऊँचे कैच और सीधे कैच में क्या फर्क है, कौन-सा मुश्किल है?

A: ऊँचे कैच में वक्त ज़्यादा मिलता है पर दूरी का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है, जबकि सीधे या एज वाले कैच में वक्त आधे सेकंड से भी कम होता है। ऊँचे कैच में बगल-दौड़ और पहले से जगह तय करना काम आता है। एज वाले कैच में तैयारी, नरम हाथ और घुटनों की मुद्रा सबसे ज़्यादा मायने रखती है। इसलिए दोनों का अभ्यास अलग-अलग कीजिए, एक के भरोसे दूसरे को मत छोड़िए।

Q: मेरे हाथ से गेंद बार-बार क्यों छूट जाती है?

A: सबसे आम कारण सख़्त हाथ, गेंद से नज़र हटना और पैर न चलाना हैं। हाथ पकड़ते समय आगे की ओर अकड़े रहें तो गेंद उछलकर निकल जाती है, इसलिए उसे शरीर की ओर खींचते हुए लीजिए। दो हफ्ते तक हर ड्रॉप का कारण लिखिए। आम तौर पर 7 में से 2 कारण आपके अधिकतर ड्रॉप समझा देते हैं। उन्हीं पर पहले काम करें, फिर बाकी पर जाएँ।

Q: कैच की प्रैक्टिस के लिए कोई महंगा उपकरण चाहिए?

A: नहीं, शुरुआत लगभग मुफ़्त है, बस एक टेनिस गेंद, इलेक्ट्रिकल टेप और एक दीवार या साथी चाहिए। टेप लपेटी गेंद बल्ले के किनारे जैसी हरकत करती है, जिससे स्लिप कैच का अभ्यास हो जाता है। बाद में चाहें तो रिएक्शन बॉल या कैचिंग नेट लिया जा सकता है, पर पहले 30 दिन बिना खर्च के भी 90 प्रतिशत सटीकता का लक्ष्य पाया जा सकता है।

Q: कैच पकड़ते हुए बाउंड्री रस्सी छू जाए तो क्या होता है?

A: ऐसे में आउट नहीं मिलता और गेंद को बाउंड्री मान लिया जाता है। MCC के कानूनों के अनुसार फील्डर के शरीर का कोई भी हिस्सा गेंद छूते समय रस्सी को नहीं छूना चाहिए। इसलिए रस्सी के पास कैच लेने से पहले अपने पैर और कदम पहले से गिन लें, और ज़रूरत हो तो एक कदम पहले ही रुककर सुरक्षित कैच लें।

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पढ़ने के लिए धन्यवाद।

क्रिकेट गाइड · Editorial Archive · 2026

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