पावरप्ले के अंदर: 6 ओवर में छिपे क्रिकेट नियम 2026
क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने का सबसे छोटा रास्ता यह है: खेल मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी MCC के बनाए 42 नियमों पर चलता है, और ICC इन्हें टी20, वनडे और टेस्ट के हिसाब से ढालता है। एक ओवर में 6 वैध गें...
पावरप्ले के अंदर: 6 ओवर में छिपे क्रिकेट नियम 2026
क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने का सबसे छोटा रास्ता यह है: खेल मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी MCC के बनाए 42 नियमों पर चलता है, और ICC इन्हें टी20, वनडे और टेस्ट के हिसाब से ढालता है। एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं, टी20 में हर पारी 20 ओवर की होती है, और पहले 6 ओवर पावरप्ले कहलाते हैं जिनमें 30 गज के घेरे के बाहर सिर्फ दो फील्डर रह सकते हैं। नो-बॉल के बाद अगली गेंद फ्री हिट होती है, और आउट देने का आखिरी फैसला अंपायर का होता है। क्रिकेट गाइड के अनुसार असली फर्क तब पड़ता है जब मैच बारिश या DLS में फंसता है, क्योंकि वहीं नतीजे और दांव के निपटान के नियम बदल जाते हैं। सलाह: किसी भी मैच पर पैसा लगाने से पहले उस प्रतियोगिता का फॉर्मेट और प्लेटफॉर्म के निपटान नियम एक बार ज़रूर पढ़ें।
सीधी बात: क्रिकेट के नियम असल में कितने काम के हैं?
क्रिकेट के नियम तीन परतों में काम करते हैं: MCC के 42 नियम बुनियाद हैं, ICC की प्रतियोगिता-शर्तें फॉर्मेट तय करती हैं, और आयोजक या प्लेटफॉर्म के निपटान नियम पैसे का हिसाब। अगर आप सिर्फ पहली परत जानते हैं, तो दांव या फैंटेसी में आप आधी तस्वीर देख रहे हैं।
अब ज़रा दोस्त की तरह बात करें। ज़्यादातर लोग "नियम जानता हूँ" कहकर निकल लेते हैं, और फिर किसी रात बारिश आती है, मैच 9-9 ओवर का हो जाता है, और उनका "पक्का" अंदाज़ा धरा रह जाता है। जो खिलाड़ी हर रुपये का हिसाब रखता है, वह जानता है कि कमाई गेंद-बल्ले की समझ से कम और "छोटे अक्षरों" वाली शर्तों से ज़्यादा बनती या बिगड़ती है। विकिपीडिया के Laws of Cricket लेख के मुताबिक ये नियम सबसे पहले 1744 में लिखे गए थे और MCC आज भी इनकी संरक्षक है। यानी आप जो "आधिकारिक" किताब पढ़ रहे हैं, वह करीब ढाई सौ साल से संशोधित होती आ रही है, और हर संशोधन किसी न किसी मैच के नतीजे को छू सकता है। क्रिकेट गाइड पर हम इसीलिए नियमों को मैच समीक्षा और खिलाड़ी आंकड़ों के साथ जोड़कर पढ़ाते हैं। अलग-थलग रटे गए नियम मैदान पर बहुत देर तक याद नहीं रहते। विस्तार से पढ़ना हो तो हमारा [Internal Link: क्रिकेट की बुनियादी शब्दावली गाइड] देखें।
मैदान पर दर्शक असल में क्या देखते हैं?
मैदान पर दर्शक सबसे पहले अंपायर की उंगली, स्कोरबोर्ड और फील्डिंग घेरा देखते हैं। यही तीन चीज़ें नियमों का जीवित रूप हैं: आउट का फैसला, रन और अतिरिक्त रन की गिनती, और पावरप्ले की पाबंदी। इन्हें पढ़ना सीख लिया तो मैच का रुख आप स्कोरकार्ड से पहले भांप लेंगे।
एक ताज़ा उदाहरण लीजिए। ESPN Cricinfo के स्कोरकार्ड में अफगानिस्तान ए बनाम भारत ए के दूसरे मैच (2026) का एक पल दर्ज है। प्रभसिमरन सिंह 84 रन पर आउट हुए, स्कोर 167/3 था। ऑफ-ब्रेक गेंद लेग साइड की ओर घूम रही थी, उन्होंने पैडल-स्कूप खेलना चाहा, बल्ले का हल्का सा किनारा लगा और विकेटकीपर ने कैच लपक लिया। अपील हुई और अंपायर की उंगली लगभग तुरंत उठ गई। यह कैच-बिहाइंड का क्लासिक नमूना है: गेंद बल्ले या दस्ताने को छूकर बिना ज़मीन पर गिरे कीपर के हाथों में पहुंची तो बल्लेबाज़ आउट। दर्शक के लिए यह "बस एक विकेट" है, पर नियम जानने वाले के लिए यह तीन चीज़ें हैं: अपील ज़रूरी है, फैसला अंपायर का है, और 84 रन का शतक-पूर्व सपना एक पतले किनारे पर खत्म हो सकता है। ऐसे पल ही बताते हैं कि प्लेयर प्रॉप्स या रन-लाइन पर दांव लगाते समय "सेट बल्लेबाज़" पर भी भरोसा क्यों सीमित रखना चाहिए।
गली और टूर्नामेंट-क्रिकेट में नियम पूरी तरह बदल जाते हैं, और यहां लोग सबसे ज़्यादा उलझते हैं। एक लोकल टूर्नामेंट के नियम-पत्र में, जो ऑनलाइन PDF के रूप में घूम रहा है, कुछ ऐसी बातें लिखी हैं:
- हर टीम में 9 खिलाड़ी, जिनमें 8 खेलते हैं और 1 "एक्स्ट्रा" रहता है
- मैच 16 ओवर का, यानी हर पारी 8 ओवर की
- रिपोर्टिंग टाइम के बाद 10 मिनट का बफर, फिर विरोधी टीम विजेता घोषित
- पारी की पहली और आखिरी गेंद पर बने रन दोगुने गिने जाएंगे
- "मैजिक ओवर" में बल्लेबाज़ पहले टारगेट घोषित करता है, मसलन 12 रन
- DRS नहीं रहेगा, यानी अंपायर का फैसला अंतिम
यह MCC की किताब नहीं है, लेकिन यही असली जीवन है। जो नियम मैदान पर लागू हों, वही आपके लिए "कानून" हैं।
वे 3 बातें जो सबसे ज़्यादा मायने रखती हैं
सैकड़ों उप-नियमों में से तीन ऐसे हैं जिनका असर सबसे सीधे स्कोर और नतीजे पर पड़ता है। इन्हें ठीक से पकड़ लें, बाकी अपने आप जगह बना लेते हैं। जैसे निवेशक पूरे पोर्टफोलियो की जगह तीन बड़ी पोज़ीशन पर नज़र रखता है, वैसे ही यहां भी ध्यान इन्हीं तीन पर रहे।
1. वैध गेंद और अतिरिक्त रन
ओवर 6 वैध गेंदों का होता है। वाइड और नो-बॉल वैध गिनती में नहीं आतीं। इसलिए एक ओवर में 7, 8 या उससे ज़्यादा गेंदें भी फेंकी जा सकती हैं। नो-बॉल पर एक अतिरिक्त रन मिलता है और अगली गेंद फ्री हिट होती है, जिसमें बल्लेबाज़ ज़्यादातर तरीकों से आउट नहीं हो सकता, सिवाय रन-आउट के। यही बात गली टूर्नामेंट के नियम-पत्र में भी लिखी है: फ्री हिट पर भी रन-आउट मान्य। जो लोग "ओवर में कुल कितने रन" पर दांव देखते हैं, वे इस सूक्ष्म बात से चूकते हैं कि अतिरिक्त गेंदें ओवर की कुल रन-संभावना बढ़ा देती हैं। इसलिए किसी गेंदबाज़ का "वाइड रिकॉर्ड" उसकी इकॉनमी रेट जितना ही मायने रखता है।
2. आउट होने के तरीके और अंपायर का फैसला
बोल्ड, कैच, LBW, रन-आउट, स्टंप्ड और हिट-विकेट, ये प्रमुख तरीके हैं। LBW सबसे ज़्यादा विवादित है क्योंकि इसमें गेंद की पिचिंग, बल्लेबाज़ की लाइन और स्टंप्स से टकराने की संभावना, तीनों मिलकर देखे जाते हैं। ICC की बड़ी प्रतियोगिताओं में DRS होता है, जहां तकनीक अंपायर के फैसले को पलट सकती है। लेकिन हर लीग में DRS नहीं होता, जैसा ऊपर गली-टूर्नामेंट के नियमों में दिखा। इसलिए "यह तो साफ आउट था" कहने से पहले देख लें कि उस मैच में समीक्षा की सुविधा थी या नहीं।
3. फॉर्मेट: ओवर, पावरप्ले और गेंदबाज़ का कोटा
टी20 में 20 ओवर, वनडे में 50 ओवर और टेस्ट में पाँच दिन का खेल है। टी20 में एक गेंदबाज़ अधिकतम 4 ओवर और वनडे में 10 ओवर फेंक सकता है। टी20 पावरप्ले के पहले 6 ओवरों में घेरे के बाहर सिर्फ 2 फील्डर होते हैं, इसके बाद अधिकतम 5। इसका सीधा गणित यह है कि पावरप्ले में बाउंड्री की संभावना ज़्यादा होती है, इसलिए IPL जैसे आयोजनों में पहले 6 ओवर के रन आंकड़े पूरे मैच के औसत से अलग पढ़ने चाहिए। खिलाड़ी आंकड़ों पर हमारा [Internal Link: IPL पावरप्ले आंकड़ों का विश्लेषण] पन्ना इसी सोच पर बना है।
किन अपवादों और पेचीदगियों में लोग सबसे ज़्यादा फंसते हैं?
सबसे ज़्यादा लोग बारिश-प्रभावित मैच, टाई और सुपर ओवर, और अधूरे मैच में दांव के निपटान पर फंसते हैं। इन तीनों में नतीजा "मैदान का" और "प्लेटफॉर्म का" अलग हो सकता है। इसलिए जीत-हार से पहले निपटान नियम पढ़ना ज़रूरी है।
यहां मेरी एक "विरोधी" राय है, और इसे हल्के में न लें। ज़्यादातर पन्ने कहते हैं कि "नियम जानो तो फायदा होगा"। मेरे हिसाब से नियमों की जानकारी अपने आप में कोई बढ़त नहीं देती, क्योंकि बाज़ार की कीमतें पहले ही उन्हें शामिल कर चुकी होती हैं। बढ़त तब बनती है जब आप वह जानते हैं जो औसत खिलाड़ी नहीं पढ़ता, यानी निपटान की शर्तें। ICC की T20 अंतरराष्ट्रीय खेल-शर्तों में आम तौर पर नतीजे के लिए हर टीम को कम से कम 5 ओवर चाहिए, और उससे कम पर मैच अधूरा माना जा सकता है। लेकिन कई प्लेटफॉर्म अपनी अलग सीमा रखते हैं, जैसे किसी बाज़ार को रद्द मानना या DLS नतीजा न मानना। यह जानकारी आपको पर्ची कटाने से पहले मिल जाए तो फंसी हुई रकम का जोखिम घटता है। ICC की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रतियोगिता-शर्तें और MCC के Laws of Cricket दोनों खुले उपलब्ध हैं। पढ़ने में बस दस मिनट लगते हैं।
इन गड़बड़ियों से बचने के लिए एक छोटी चेकलिस्ट:
- मैच का फॉर्मेट और ओवर सीमा देखें (T20, वनडे या लोकल 16 ओवर)
- बारिश की स्थिति में DLS लागू होगा या नहीं, यह पता करें
- टाई होने पर सुपर ओवर या बाउंड्री-गिनती का नियम पढ़ें
- प्लेटफॉर्म की "न्यूनतम ओवर" शर्त और रद्द होने पर रकम वापसी का नियम देखें
- खिलाड़ी के न खेलने पर प्रॉप्स का निपटान कैसे होगा, यह जांचें
एक और बारीकी: गली-नियमों में पारी की पहली और आखिरी गेंद पर रन दोगुने गिने जाते हैं। 4 रन बनें तो 8 दर्ज होंगे। ऐसे स्थानीय नियम किसी आधिकारिक किताब में नहीं मिलते, इसलिए मैच शुरू होने से पहले हर टीम-कप्तान से लिखित में पूछ लेना ही समझदारी है। ज़िम्मेदारी की बात भी करनी होगी: दांव केवल 18 साल से ऊपर के लिए है, भारत में ऑनलाइन दांव के नियम राज्य-दर-राज्य अलग हैं, और जितना खोने की हिम्मत हो उतना ही बजट रखें। [Internal Link: ज़िम्मेदार तरीके से खेलने के सुझाव] ज़रूर पढ़ें।
फैसला
क्रिकेट के नियम रटने की चीज़ कम और "किस मैच पर कौन सा नियम लागू है" पहचानने की कला ज़्यादा हैं। तीन बातें याद रखें: वैध गेंद बनाम अतिरिक्त रन, आउट का तरीका और अंपायर का अंतिम फैसला, और फॉर्मेट के हिसाब से पावरप्ले व गेंदबाज़ का कोटा। बाकी सब इन्हीं की शाखाएं हैं।
मेरी राय दो टूक है। जो खिलाड़ी रिटर्न और नेट पोज़ीशन गिनता है, उसके लिए नियमों की किताब का सबसे कीमती हिस्सा वह पन्ना है जहां लिखा होता है कि "मैच अधूरा रहे तो क्या होगा"। यह पन्ना कोई नहीं पढ़ता, इसलिए यहीं असली फासला बनता है। क्रिकेट गाइड पर हम मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े, IPL कवरेज और बल्लेबाज़ी-गेंदबाज़ी रणनीति रोज़ इसी नज़रिए से पेश करते हैं। और हां, किसी भी प्लेटफॉर्म की "गारंटीड मुनाफे" वाली बात पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सबसे अच्छी रणनीति है छोटे दांव, साफ शर्तें और ठंडा दिमाग। अगले मैच से पहले अपनी एक पंक्ति की चेकलिस्ट बना लें, फिर देखिए कि अचानक आने वाले झटके कितने कम हो जाते हैं।
Frequently Asked Questions
Q: क्रिकेट के नियम क्या हैं और इन्हें कौन बनाता है?
A: क्रिकेट के नियम 42 धाराओं वाली "Laws of Cricket" हैं, जिन्हें लंदन का मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) बनाता और संशोधित करता है। ICC इन्हें अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए खेल-शर्तों के साथ लागू करता है, जैसे टी20 के लिए 20 ओवर और पावरप्ले। घरेलू लीग और स्थानीय टूर्नामेंट अपने अलग नियम भी जोड़ सकते हैं, इसलिए हर मैच से पहले शर्तें देख लेना बेहतर है।
Q: एक ओवर में कितनी गेंदें होती हैं और नो-बॉल का क्या असर पड़ता है?
A: एक ओवर में 6 वैध गेंदें होती हैं, और वाइड या नो-बॉल इस गिनती में नहीं जुड़ती। नो-बॉल पर बल्लेबाज़ी टीम को 1 अतिरिक्त रन मिलता है और अगली गेंद फ्री हिट होती है। फ्री हिट पर बल्लेबाज़ आम तौर पर सिर्फ रन-आउट हो सकता है। इसलिए एक ओवर में कुल गेंदें 6 से ज़्यादा भी हो सकती हैं।
Q: टी20 में पावरप्ले का नियम कैसे काम करता है?
A: टी20 में पहले 6 ओवर पावरप्ले होते हैं, जिनमें 30 गज के घेरे के बाहर सिर्फ 2 फील्डर रह सकते हैं। उसके बाद अधिकतम 5 फील्डर बाहर रखे जा सकते हैं। इसका मतलब है कि शुरुआती ओवरों में बाउंड्री आसान होती हैं। इसीलिए रन-लाइन या खिलाड़ी प्रदर्शन देखते समय पावरप्ले और बाकी ओवरों के आंकड़े अलग-अलग पढ़ें।
Q: DLS क्या है और बारिश में नतीजा कैसे तय होता है?
A: DLS (डकवर्थ-लुईस-स्टर्न) बारिश से प्रभावित मैच में लक्ष्य को नए ओवरों के हिसाब से दोबारा तय करने की गणितीय विधि है। यह बचे हुए ओवरों और हाथ में बचे विकेटों दोनों को गिनती है। हर प्रतियोगिता में नतीजे के लिए न्यूनतम ओवर अलग होते हैं, जैसे टी20 अंतरराष्ट्रीय में आम तौर पर 5 ओवर प्रति टीम। प्लेटफॉर्म अपनी शर्तें भी रख सकते हैं।
Q: क्रिकेट के नियम सीखने के लिए शुरुआत कहां से करें?
A: सबसे पहले 6 वैध गेंदों का ओवर, रन बनाने के तरीके और आउट होने के 6 प्रमुख तरीके सीखें, फिर अपने पसंदीदा फॉर्मेट (टी20 या वनडे) की ओवर-सीमा देखें। इसके बाद कोई लाइव या पुराना स्कोरकार्ड पढ़ें, जैसे ESPN पर भारत ए के मैच का स्कोरकार्ड। एक हफ्ते में तीन-चार मैच देखकर बुनियाद पक्की हो जाती है।
Q: क्या क्रिकेट के नियम जानने से दांव में मुनाफे की गारंटी मिलती है?
A: नहीं, कोई भी नियम-ज्ञान मुनाफे की गारंटी नहीं देता, क्योंकि कीमतें पहले ही इन नियमों को शामिल कर चुकी होती हैं। असली फायदा निपटान-शर्तों, बारिश-नियमों और फॉर्मेट की बारीकियों को समझने से जोखिम घटाने में है। केवल वही रकम लगाएं जिसे खोना सहन हो, और अपने राज्य के कानून तथा 18+ आयु-सीमा का पालन करें।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।
क्रिकेट गाइड · Editorial Archive · 2026